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Gender sensitivity in classrooms

Gender sensitivity in classrooms
Start Date :
Jan 01, 2015
Last Date :
Jul 17, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

How can we introduce greater gender sensitivity in the classroom that will create a better environment for learning and education?

How can we introduce greater gender sensitivity in the classroom that will create a better environment for learning and education?

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Showing 8153 Submission(s)
shobha chandla
shobha chandla 11 years 10 months ago
राम हमारी चिरपुरातन संस्कृति के प्राण है हमारे स्वासों के साथ गुंथे है एक ऐतिहासिक सत्य है अध्यात्मिक सत्य भी है पूरे भारत ही नहीं लंका, नेपाल ,भूटान सब जगह उनके चिन्ह मौजूद है रामायण की चौपाइयाँ व् वेद व्यास के शलोक अयोध्या में राम मंदिर के दीवारो पर लिखे घोषणा कर रहे है कि राम लला यहीं जन्मे थे यहीं पले यहीं बड़े हुए थे तो राम की जन्म स्थली को लेकर झगड़ा क्यों हमारी धरती पर बाहर से आये आक्रमण कारियों ने हर राम कृष्ण मंदिर ऐतिहासिक मंदिर के साथ अपनी मस्जिद बना ली
DHANESH CHATURVEDI
DHANESH CHATURVEDI 11 years 10 months ago
भारतीय समाज में सामान्यतः माता पिता अपनी कमाई के अनुसार रहने खाने के खर्च के बाद बेटे को पढने भेजते हैं, उसके बाद यदि आर्थिक स्थिति ठीक हुई तब बेटियों को पढने भेजते है, सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा होने के बावजूद भी, अपनी आर्थिक स्थिति समाज में जाहिर न हो इस डर से सरकारी स्कूलों में पढने भेजना पसंद नहीं करते हैं,यदि सरकार कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा सभी के लिए सरकारी स्कूलों में पढाना अनिवार्य कर दे,तो समाज में हीन भावना पनपने से रुक सकती है,कम से कम सरकारी कर्मचरियों केलिए तो अनिवार्य हो
DHANESH CHATURVEDI
DHANESH CHATURVEDI 11 years 10 months ago
भारतीय स्टेट बैंक के नाम से स्टेट शब्द हटाते हुए,राष्ट्रीय शब्द जोड़कर ,उसमें सभी राष्ट्रीयकृतबैंकों का विलय करने से जनता को पूरे देश में कहींभी अपना खाता प्रयोग करने का लाभ मिलेगा,अलगअलग बैकों में खाते नहीं रखने पडेगे,जिससे बैकों में अनावश्यक खातों को रखने का बोझ कम होगा,एक चेक होने से क्लियरिंग का समय व खर्च बचेगा,जनता के खाते मे चेक जमा करते ही धन उपलब्ध हो सकेगा,एक ही बैंक के चेक होने से चेकों के प्रयोग में कमी आएगी,बैकों में काम का बोझ कम होगा,मुद्रारहित अर्थव्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म होगा