Ramesh Kumar HUF
5 years 4 months ago
बच्चों के पोषण की अहमियत सर्वाधिक है क्योकि उनके अंगप्रत्यंग पूर्ण विकसित नहीं होते हैं। विकास का दौर १८ वर्ष की आयु तक अनुमान्य होता है अतः इस आयु तक पोषण के प्रति अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।
प्रस्तुत है पोषण के प्रति मेरे अपने संस्मरण:
आम, नींबू, जामुन,महुआ, बेल, शीरीश, शरीफा, कटहल, बड़हर, गुलर, ताड़, खजूर, आंवला, पीपल, पांकड़ और बरगद के वृक्षों से भरे बाग को करौंदे झड़बेर, कठ-करेजी, बघरेड़ा, रेंड़ और बेर का बाड़ था।
आयुर्वेद की मानें तो उनके फल फूल से लोकल लोग समय समय पर संतुलित पोषण पाते थे
Like
(4)
Dislike
(1)
Reply
Report Spam
