shukla Dr Pavan
11 years 6 months ago
भारत की शिक्षा को अँग्रेजियत के भाव से मुक्ति केकुछ कदम.पाठ्यचर्या का आधार भारतीय समाज व संस्कृति की माँग हो व माध्यम मातृभाषा हो..बालकेन्द्रित व हृदय को प्रशिक्षत करने की व्यवस्था व योग्य शिक्षक चयन की पारदर्शी व्यवस्था हो.व समस्त शिक्षा संस्थानों के वित्तीय विवरण व वितरण की पारदर्शी व्यवस्था हो तथा आनलाइन शिक्षा का अधिकतम व्यवसथा,विकास व उपयोग हो.शिक्षा को धनपशुओं से मुक्तिदिलाने का प्रावधान हो और गुरूकुल प्रणाली आधारित शिक्षा का भी अधिकतम प्रसार हो जिससे भारत का सर्वांगीण विकास होगा........
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