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Promotion of Languages

Promotion of Languages
Start Date :
Jan 22, 2015
Last Date :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

A multi-lingual society recognises the importance of education in languages. While there are some interventions for appointment of language teachers and promotion of classical ...

A multi-lingual society recognises the importance of education in languages. While there are some interventions for appointment of language teachers and promotion of classical languages, there is no comprehensive scheme or language policy and we need to have inputs on this dimension.

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Showing 1237 Submission(s)
NAWAR KHERA NAINITAL
NAWAR KHERA NAINITAL 10 years 10 months ago
स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
FATTA BANGAR NAINITAL
FATTA BANGAR NAINITAL 10 years 10 months ago
स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
KHERA NAINITAL
KHERA NAINITAL 10 years 10 months ago
प्राथमिक स्तर् पर स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
SAKULIYA NAINITAL
SAKULIYA NAINITAL 10 years 10 months ago
हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
DHAULA KHERA NAINITAL
DHAULA KHERA NAINITAL 10 years 10 months ago
स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
Heragaja NAINITAL
Heragaja NAINITAL 10 years 10 months ago
प्राथमिक स्तर् पर स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
HALDWANI TALLI NAINITAL
HALDWANI TALLI NAINITAL 10 years 10 months ago
प्राथमिक स्तर् पर स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।
Gaujajali Bichli NAINITAL
Gaujajali Bichli NAINITAL 10 years 10 months ago
mother language को पढ़ाने की आवश्यकता है! परन्तु इसके साथ second language english को भी पढ़ाया जाना चाहिए ताकि छात्र अपनी शिक्षा पूरी करके किसी अन्य क्षेत्र जाये तो communication me कोई बाधा न आवे!
GAUJAJALI UTTAR NAINITAL
GAUJAJALI UTTAR NAINITAL 10 years 10 months ago
प्राथमिक स्तर् पर स्थानीय भाषा कॊ पाट्यक्रम मॆ स्थान दॆना चाहियॆ, हिन्दी भाषा कॊ अत्यधिक साहित्यिक न बनाकर मानक कॆ रुप मॆ प्रयुक्त किया जाना चाहिए, जिससॆ व्यापक रुप मॆ हिन्दी का प्रचार प्रसार हॊ सकॆ।