Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 में संशोधन पर सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Apr 09, 2021
अंतिम तिथि :
May 10, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

आम जनता / हितधारक को सूचित किया जाता है कि कौशल विकास और उद्यमिता ...

आम जनता / हितधारक को सूचित किया जाता है कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) युवाओं हेतु शिक्षुता के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 में संशोधन पर टिप्पणी / सुझाव आमंत्रित करता है।

कोई भी व्यक्ति/हितधारक अपनी टिप्पणी/सुझाव भेजने के इच्छुक हैं, वह ईमेल के माध्यम से भेज सकता है। मेल anita.sriv@nic.in पर इसके प्रकाशित होने के 30 दिन के भीतर भेजा जा सकता है।

‘अप्रेंटिस पर शिक्षुता अधिनियम, 1961 पर कांसेप्ट नोट’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 10 मई 2021 है।

फिर से कायम कर देना
1081 सबमिशन दिखा रहा है
Srichandrasekar L
Srichandrasekar L 5 साल 6 दिन पहले
Its high time apprentices act and NEEM scheme are merged as well.as stipend hiked to rs 25000 with benefits of PF and Esi extended by Central.Govt as well as medical insurance for 5 years this will go a long way in employers recruiting more apprentices for all categories includingbservice sector as work from home will be a norm
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
कारन यहाँ परीक्षा का गलत पैटर्न भी है जहाँ पजल और अन्य फालतू टॉपिक्स के प्रश्न देकर परीक्षा का उद्देश्य पूर्ण नहीं होने दिया जाता। जो सफल होते हैं वो अगले चरण में रूक जाते हैं । जब किसी योग्य उम्मीदवार के पास डिग्री है तो उसके विषयानुकूल उससे प्रश्न क्योँ नहीं होते परीक्षा मैं इस पर कार्यान्वयन होना चाहिए। परीक्षाएं किसी उम्मीदवार की उसके अपने क्षेत्र के विषय पर कितनी समझ और निपुणता है इस पर आधारित होनी चाहिए।
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
बस सुधारना है इस व्यवस्था को हमें। सबसे पहले देश मैं परीक्षाएं कम होकर कौशल परिक्षण ज्यादा होने चाहिए। क्योंकि परीक्षा आज वो व्यवसाय बन गयी हैं जिसमें न सरकारी तंत्र का लाभ हो रहा है और न ही उम्मीदवारों का। इसलिए अप्रेंटिसशिप एक बेहतर विकल्प है। क्योंकि उदाहरण के तौर पर लें तो बैंकिंग सेक्टर मैं स्टाफ की भारी किल्लत है आज देश मैं जबकि हर साल निकलने वाली नौकरियों मैं लाखों युवा भाग लेते हैं।
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
आज एक तरफ जहाँ बैंकिंग और कम्युनिकेशन , हेल्थ और दूसरे तमाम सेक्टर मानव संसाधनों की कमी से त्रस्त है तो वहीँ २४ साल से ऊपर और ४० साल से काम आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी की संख्या निरंतर बाद रही है। क्योंकि ये वर्ग सरकारी नौकरी का सपना लिए पहले १० से १२ साल तरह तरह की परीक्षाओं मैं ही गवां देता है और इसके बाद प्राइवेट नौकरी के भी दरवाजे इस वर्ग के लिए बंद हो जाते हैं। अनुभव को सभी जगह प्राथमिकता दी जाती है लेकिन जब बारी अनुभव दिलाने की आती है सभी पीछे दिखाई देते हैं।
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
इसलिए आज देश में अप्रेंटिसशिप एक्ट में एक प्रभावकारी कदम की आवश्यकता है जिसमें सबसे पहले अप्रेंटिसशिप की आयु सीमा मैं वृद्धि कर इसे 30 वर्ष तक के उम्मीदवारों के लिए भी सामान रूप से खोला जाना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें किसी भी क्षेत्र मैं निश्चित तौर पर रोजगार मुहया कराने की सुविधा दी जाये और वो भी उनके प्रशिक्षण और योग्यता के आधार पर।
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
मेरे पास योजना की विफलता के प्रमाण हैं की मैंने दो अलग सेक्टर्स से कोर्स किये और वो किसी काम नहीं आये मेरे। आज कहीं लोकल मैं जब लोग सर्टिफिकेट देख ये कहते हैं की ऐसा सर्टिफिकेट किस काम का जिसने पढाई कराकर बस युहीं छोड़ दिया तो बहुत दुःख होता है। जबकि दोष मेरा नहीं इसमें क्योंकि मेरे पास संसाधन नहीं की अपना सुविधा केंद्र खोल सकता।
UMANG AGRAWAL
UMANG AGRAWAL 5 साल 1 week पहले
हर उम्मीदवार इतना सशक्त नहीं हो सकता कि वो स्वयं का जीएसटी सुविधा केंद्र खोल पाए। आज भी csc की तकनिकी शिक्षा केंद्रों की कमी है। ये तो सिर्फ मैंने अपने कार्यक्षेत्र वाणिज्य से रिलेटेड रोजगार की समस्या पर बात की लेकिन ये समस्या आज हर क्षेत्र में बनी हुई है। जिस तरह पहले डिग्रियां लेकर भी नौकरी नहीं मिल सकती थी उसी तरह सर्कार के रोजगार परक आदर्श्वादी कार्यक्रम को निचले प्रशासन तंत्र ने ही कमजोर बनाया है। PMKVY आज यदि किसी भी लेवल पर कमजोर योजना रही है तो इसका दोषी अस्समेंट कंपनी और TPसेंटर है