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चरण 3 के अन्तर्गत ईटानगर स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के लिए सुझाव आमंत्रण

Inviting suggestions for Smart City Itanagar Round III
आरंभ करने की तिथि :
Dec 15, 2016
अंतिम तिथि :
Mar 14, 2017
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित ईटानगर 20 अप्रैल 1974 से भारत के सबसे ...

पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित ईटानगर 20 अप्रैल 1974 से भारत के सबसे बड़े पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश की राजधानी रहा है। यह प्रशासनिक तौर पर पापुम पारे ज़िले के अन्तर्गत आता है। इस शहर में मिश्रित जनजाति के लोग रहते हैं लेकिन न्यीशी और न्यीशीन्गस ईटानगर में रहने वाली दो मुख्य जनजातियां हैं। लेकिन इसकी सार्वलौकिक संस्कृति के कारण, ईटानगर को लघु भारत भी कहा जा सकता है। एक राजधानी होने के कारण, ईटानगर का पूरे देश से सड़क और हवाई संपर्क है। पवन हंस गुवाहाटी और नाहरलागुन (ईटानगर) के बीच हेलीकाप्टर सेवा प्रदान करता है। गुवाहाटी से नियमित बस / टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।

अहोम राज्यवंश के इतिहास को दर्शाने वाला ईटा किला 14 वीं शताब्दी का है। ईटानगर का सम्बन्ध मायापुर से है, जो 11वीं शताब्दी के जलतरी राज्य की राजधानी था। पर्यटक आकर्षणों में प्रसिद्ध गंगा सरोवर (ग्याकर सिन्यी), जो ईटानगर से 6 किलोमीटर दूर है, एक आदिम वनस्पति से घिरा हरित वन सरोवर, घने ऊँचे पेड़ जो ईटानगर के शानदार जंगलों की झलकी देते हैं। जवाहरलाल नेहरू स्टेट म्यूजियम अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न रूपों का दर्शन करवाता है, जहाँ लकड़ी पर नक्काशी, वाद्य यंत्र, वस्त्र, हस्तशिल्प और पुरातत्व खोज देखी जा सकती हैं और हस्तशिल्प केंद्र की एक वर्कशॉप पारंपरिक बांस उत्पादों पर काम करती है। ईटानगर के आस पास अन्य रूचि के स्थान डोन्यी-पोलो विद्या भवन जो एक प्रसिद्ध पब्लिक स्कूल है, नार्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (निरजुली) जो नई सोचपूर्ण शिक्षा देने वाला इंजीनियरिंग संस्थान है, अरुणाचल विश्विद्यालय (दोइमुख) और गवर्नमेंट पिग्गरी एंड पोल्ट्री फार्म (निरजुली), इंदिरा गाँधी पार्क, हैं।

ईटानगर को भारत सरकार स्मार्ट सिटी मिशन सूची में शामिल किया गया है। ईटानगर प्रशासन ईटानगर को स्मार्ट सिटीज़ के अगले चरण में पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी नागरिकों को अगले 3 महीने में होने वाले हितधारक विचार विमर्श में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है। यह विचार विमर्श भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार 3 चरण में होना है जिसके प्रथम चरण में नागरिकों से सम्बंधित मुद्दों और उनकी अपेक्षाओं की पहचान की जाएगी और दूसरे तथा तीसरे चरण का ध्यान समाधान निर्माण, विश्लेषण और वरीयता निर्धारित करने पर होगा। सभी नागरिकों से विनम्र निवेदन है कि ईटानगर के लिए एक मज़बूत स्मार्ट सिटी प्रस्ताव बनाने में सहयोग करें ताकि सभी नागरिकों की आशाओं और समाधानों का समन्वय किया जा सके।

फिर से कायम कर देना
79 सबमिशन दिखा रहा है
naveen aggarwal
naveen aggarwal 9 साल 4 महीने पहले
Sir there'r two problems in the way of 100% cash less transaction 1st is lake of knowledge & resources which can be resolve by time & efforts. But the main problem is unaccounted income of officer's politicians & businessman they wants their expenditure in cash because there income can be calculated by their expenditure if they made that in cash less system. This problem can be resolved can be resolved by somewhere payments should make mandatory in cashless like petrol pump and second thing is
Tammineni Ravi Kumar
Tammineni Ravi Kumar 9 साल 4 महीने पहले
Empasize on separate tracks for by cycles and walkers.plant trees on all public places that will give good and positive feelings. Put slogans for good governance and cleanliness . Drinking water facilities and very cleanly public toilets.well connected roads to bus stations and rural places.
Ritwik Banerjee
Ritwik Banerjee 9 साल 4 महीने पहले
The transport system in roads should be low otherwise pollution will occur .the placed should be framed in old indian style so that it reflects India's glorious past there should be more education and spreading of hindi and sanskrit I found in South India many not likes hindi this is one type of cultural destruction .the people of arunachal have a great fright of chinise this fear should be killed by performing programs and quick development .riding cycles and horse cart should be done to make d