Pradip Mandge
3 साल 12 महीने पहले
जैसे कि पूरे देश को मालूम है कि रेत/गौण खनिज माफिया और डाकूओं में में कोई अंतर नहीं होता है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की रोज़ी रोटी यही है। पंचायतों में भी भ्रष्टाचार की जड़ यही है। खनिज निगम और पंचायतों में इस विषय पर बेहतर तालमेल की जरूरत है। रेत खनन स्थलों की मोनिटरिंग CCTV system/drone आदि से , पंचायतों द्वारा की जानी चाहिए। यह उनके revenue generation में सहायक होगा।
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