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भिखारियों का प्रभावी पुनर्वास

Effective rehabilitation of beggars
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 19, 2014
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भिखारियों और बेसहारा लोगों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्रदान ...

भिखारियों और बेसहारा लोगों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना आवश्यक है जिससे वह अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। इनमें से अधिकांश लोग अकुशल हैं और उनके पुनर्वास के लिए अन्य व्यवसायों में उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

भिखारियों तथा बेसहारा लोगों में कौशल विकास कैसे किया जाए और उन्हें लाभकारी रोज़गार कैसे प्रदान किया जाए जिससे वे पुन: भिक्षावृत्‍ति की ओर उन्‍मुख न हो सकें?

प्रतिभागी इससे संबंधित सफलता की कहानियां साझा कर सकते हैं।

आप अपने सुझाव 18 नवंबर, 2014 तक भेज सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
591 सबमिशन दिखा रहा है
Kasi Viswanathan
Kasi Viswanathan 11 साल 2 महीने पहले
"Beggary" has become a profession and ever there are organized companies running the same in places like Mumbai. First arrest them and take to re-habitation centers. Let them stay for a month and teach them required skills for living. Geo-tag such people and give them job MANREGA.
Ranjan Tamuli
Ranjan Tamuli 11 साल 2 महीने पहले
A chain of rehabilitation centers should be build across the country with participation with all such as Govt., public, private etc. These centers can provide them basic skill development training, safe shelter, food and medical supports as well. These activities can be funded by donations to an extent, many times people donate to some organization, but really do not know where money goes! This way donors, can be pleased to donate at the right place directly.
Girish Sharma
Girish Sharma 11 साल 2 महीने पहले
भिखारी को दो रुपये थमाकर व्यक्ति अपने को पुण्य में भागीदार समझने लगता है अपितु इसके ठीक उलट वह पुण्य का भागीदार नहीं बन रहा है बल्कि वह उसी क्षण 2 और भिखारियों को जन्म देने की प्रक्रिया में भागीदार बनता है.भिखारियों को स्वछ भारत अभियान का हिस्सा बनाकर हर ट्रेफिक सिग्नल पर भीख नहीं सभी वाहनों से कूड़ा मांगना चाहिये जिसे वो एकत्र कर कूड़ेदान में डाले जिसके बदले सरकार उन्हें मेहनताना दे और उनकी आजीविका चले साथ ही सामजिक उत्थान का प्रयास किया जाय.
Rakesh Kumar Soham
Rakesh Kumar Soham 11 साल 2 महीने पहले
इस समस्या के निदान के लिए अनेक ऐसे सरल एवं सहज प्रयास हैं जिन पर विचार किया जा सकता है: १. प्रथमतः निरक्षरता उन्मूलन के लिए एक सशक्त, सुदृढ़ एवं सतत अवलोकनीय तंत्र का विकास किया जाए जिसके माध्यम से "रात्रि पाठशाला" जैसा प्रभावी कार्यक्रम पुनः आरम्भ कर लोगों को साक्षर किया जाए। यह कार्यक्रम इतना अधिक प्रभावी है कि बिना किसी अतिरिक्त व्यय एवं व्यवस्था के इसे सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है। क्रमशः...
Rakesh Kumar Soham
Rakesh Kumar Soham 11 साल 2 महीने पहले
२. भिखारियों की गणना के लिए तंत्र विकसित किया जाए जिससे कि तत्सम्बंध में आवश्यक तथ्य एकत्रित किये जा सकें एवं सत्य [जो शिक्षा के अभाव में/कौशल के अभाव में/अंग-भंग इत्यादि के कारण भिखारी बने] व मिथ्या [जो प्रमादवश या लोभवश भिखारी बने] का विश्लेषण किया जा सके। इस सम्बन्ध में एक पूर्ण रूप से स्वतंत्र विभाग स्थापित करने की आवश्यकता है। क्रमशः...
Rakesh Kumar Soham
Rakesh Kumar Soham 11 साल 2 महीने पहले
३. मिथ्या [लोभवश/प्रमादवश भिक्षा याचक बनने वाले] भिखारियों को नियंत्रित करने के लिए कठोर दण्ड का प्रावधान किया जाए एवं इसे अपराध की श्रेणी में सम्मिलित किया जाए। साथ ही सत्य [जो शिक्षा के अभाव में/कौशल के अभाव में/अंग-भंग इत्यादि के कारण भिखारी बने] उनके पुनः पुनर्वास एवं जीविकोपार्जन हेतु विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारों का सृजन किया जाए। क्रमशः ...
Rakesh Kumar Soham
Rakesh Kumar Soham 11 साल 2 महीने पहले
४. वृद्ध एवं/अथवा शारीरिक रूप से अक्षम भिखारियों की पहचान कर उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए कला-कौशल कार्यों से युक्त आश्रमों की स्थापना की जा सकती है जहाँ इस प्रकार के भिखारी [जो विवश हैं] अपनी स्वेच्छा से श्रमदान एवं जीविकोपार्जन कर सकें। इस प्रकार की संस्था की निगरानी भी अत्यन्त आवश्यक है ताकि इस क्षेत्र में अपराध को रोका जा सके।
Rakesh Kumar Soham
Rakesh Kumar Soham 11 साल 2 महीने पहले
५. भिखारियों का विश्लेषण कर उनके उचित पुनर्वास के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों, तीर्थ स्थलों पर भीख माँगने एवं भीख देने की क्रिया को दण्डात्मक विधान के अंतर्गत निषिद्ध कर दिया जाए ताकि भिखारियों की संख्या में वृद्धि न हो।
Hamsika Iyer
Hamsika Iyer 11 साल 2 महीने पहले
one of the main causes for poverty is migration. in cities like mumbai many people from all over the country come in search for jobs. But most of them loose everything they had. Secondly this is also causing the concentration of the population in the bigger cities i.e commercial hubs. May be government can start to build more such commercial hub throughout the country. this not would only provide jobs to both literate and illiterate but also help to the problem of heavy population concentration.