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मुरादाबाद स्मार्ट सिटी परियोजना चरण-3 के लिए नागरिकों से परामर्श

Citizen Engagement for Round-3 of Smart City Project Moradabad
आरंभ करने की तिथि :
Jan 19, 2017
अंतिम तिथि :
Mar 26, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना शहर है जिसे 'पीतल नगरी' कहा ...

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना शहर है जिसे 'पीतल नगरी' कहा जाता है। यह अपनी 'पीतल शिल्पकारी' के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इसे भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत 98 स्मार्ट शहरों में से एक चुन लिया गया है।

मुरादाबाद नगर निगम, मुरादाबाद के नागरिकों को आमंत्रित करता है कि पूर्व में भेजे गए स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में आवश्यक सुधार करने हेतू अपने सुझाव दें और नगर निगम द्वारा आयोजित विभिन्न स्मार्ट सिटी गतिविधियों में सक्रिय भाग लें। चरण-3 स्मार्ट सिटी प्रस्तावों के लिए हम ''मुरादाबाद में निर्मित'' और ''मुरादाबाद को एक फुर्तीला और पर्यावरण के अनुकूल रहने लायक शहर'' बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आपके सुझावों से हमें बेहतर स्मार्ट सिटी प्रस्ताव बनाकर मुरादाबाद को एक स्मार्ट सिटी बनाने में सहायता मिलेगी।

मसौदा स्मार्ट सिटी प्रस्ताव पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

फिर से कायम कर देना
69 सबमिशन दिखा रहा है
banti kumar
banti kumar 9 साल 2 महीने पहले
नगर निगम की सीमान्तर्गत जिन भवनो पर नगर निगम द्वारा अभी तक गृहकर/जलकर नही लगाया गया है उन भवनो पर गृहकर/जलकर लगाया जाये। जिससे नगर निगम की आय मे बढोत्तरी होगी।
banti kumar
banti kumar 9 साल 2 महीने पहले
महानगर मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये हम सभी को सार्थक प्रयास करने होंगे। क्योकि यदि हम सभी लोग एकजुट होकर नगर निगम के फेसबुक पेज पर डिसकस करेंगे तो इसके लिये महानगर को पाॅजिटिव मे अंक मिलेंगे।
ishrat khan_2
ishrat khan_2 9 साल 2 महीने पहले
Nagar ki pahchan brass industry ke karan hai. Yah industry na keval badi matra me videshi mudra arjit karta hai balki lakhon majduron ko rojgar bhi deta hai. Isliye mera manna hai ki smart city proposal ke vision, strategy evam projects ka kendra vindu bras industry ka upgradation hona chahiye. Brass workers ki working condition tatha unke health issues ko priorties diya jana chahiye. Modern brass technologies ko shamil kiya jana chahiye.