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मौजूदा आभासी मुद्रा फ्रेमवर्क के लिए टिप्पणियां / सुझाव आमंत्रित

Comments/Suggestions Invited for the Existing Virtual Currencies Framework
आरंभ करने की तिथि :
May 20, 2017
अंतिम तिथि :
Jun 01, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

आभासी करेंसी का परिचालन जो डिजिटल/क्रिप्टो करेंसी के रूप में भी जाना ...

आभासी करेंसी का परिचालन जो डिजिटल/क्रिप्टो करेंसी के रूप में भी जाना जाता है, एक चिंता का विषय रहा है। इसे समय-समय पर विभिन्‍न मंचो पर भी अभिव्‍यक्‍त किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने दिनांक 24 दिसंबर, 2013 और 1 फरवरी, 2017 की अपनी प्रेस विज्ञप्‍तियों के जरिए बिटक्‍वाइन सहित आभासी करेंसी के उपयोगकर्ता, धारकों और व्यापारियों को इसके वित्‍तीय, प्रचालनात्‍मक, विधिक, ग्राहक सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी उन संभावित जोखिमों के बारे में सतर्क कर दिया है।

मौजूदा ढांचे को जांचने के लिए आर्थिक कार्य विभाग, वित्‍त मंत्रालय ने 15 मार्च, 2017 को विशेष सचिव (आर्थिक कार्य) की अध्‍यक्षता में एक अंतर अनुशासनात्‍मक समिति गठित की है इसमें आर्थिक कार्य विभाग, वित्‍तीय सेवा विभाग, राजस्‍व विभाग (सीबीडीटी), गृह मंत्रालय, इलेक्‍ट्रानिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, नीति आयोग और भारतीय स्‍टेट बैंक के प्रतिनिधि भी होंगे।

समिति (i) भारत और विश्‍व दोनों में आभासी करेंसी की वर्तमान स्‍थिति का पता लगाएगी (ii) आभासी मुद्रा को अधिशासित करने वाले मौजूदा वैश्‍विक विनियामक और विधिक ढांचे की जांच करेगी (iii) उपभोक्‍ता सुरक्षा, धन शोधन इत्‍यादि मुद्दों सहित ऐसी आभासी मुद्राओं से निपटने के लिए उपायों को सुझाएगी; और (iv) आभासी करेंसी से संबंधित किसी अन्‍य मामले की जांच कर सकेगी।

निम्‍नलिखित प्रश्‍नों पर जनता से 31 मई, 2017 तक बेवसाइट MyGov.in पर टिप्‍पणी या सुझाव मांगे जाते हैं।

क) क्‍या आभासी करेंसी को प्रतिबंधित, विनियमित अथवा निगरानी में रखा जाए?

ख) यदि आभासी करेंसी विनियमित की जाती है तो:
i) उपभोक्‍ता सुरक्षा को सुनिश्‍चित करने के लिए क्‍या उपाय किए जाने चाहिए?
ii) आभासी करेंसी को व्‍यवस्‍थित रूप में विकसित करने को बढ़ावा देने के लिए क्‍या उपाय किए जाने चाहिए?
iii) कौन से उपयुक्‍त संस्‍थान आभासी करेंसी का निरीक्षण/विनियमन करें?

ग) यदि आभासी करेंसी को विनियमित नहीं किया जाए तो:
i) प्रभावी स्‍वत: विनियामक तंत्र क्‍या होना चाहिए?
ii) इस परिदृश्‍य में उपभोक्‍ता सुरक्षा सुनिश्‍चित करने के लिए क्‍या उपाय अपनाए जाने चाहिए?

यह अनुरोध है कि टिप्‍पणियां तार्किक एवं संक्षिप्‍त हों।

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Sachin Potdukhe
Sachin Potdukhe 9 साल 4 महीने पहले
Cryptocurrencies may be made legal in India before long.Cryptocurrency is a form of future currency..and like other developed countries India should also welcome this positively. Exchange of bitcoins must be regulated and now bitcoin exchanges in India and the companies involving Bitcoin exchange are properly based on KYC norms. So India should also view Bitcoin positively and it should be legal in India.would argue that virtual currencies must be regulated. India has created its own IndiaStack
Puneet Mishra
Puneet Mishra 9 साल 4 महीने पहले
India as a progressing country, cant afford to ban Virtual currencies. Already few countries have legalised it. we should take clues from these advanced countried like Japan, South Korea or Germany, to build safeguard mechanism around it. Banning Virtual currencies will take India back specially when Modi Government is trying sincerely to curb black money. I know there are lots of issues around it as it can be misused, but that is there with any mode of business transactions.