Prashant Agarwal
10 साल 1 week पहले
एक बार मैं कक्षा में बुद्ध को quote कर रहा था कि उन्होंने अपने पुत्र राहुल से कहा था "मज़ाक में भी झूठ मत बोलो।"
इस पर एक छात्र, जो बहुत कम बोलता था, उठकर बोला, "सर! मज़ाक में तो झूठ ही बोला जाता है।"
उसके प्रत्युत्तर से मैं भी सोच में पड़ गया और अंततः पाया कि अपवादों को छोड़कर उसकी बात सच थी।
यदि सत्यवक्ता के ओज और प्रभाव पर विचार करें तो क्या हम शिक्षक इस कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करते हैं, क्योंकि शिक्षक का दायित्व वाकई अत्यंत गुरुतर है।
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