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समाज में लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठायें और बदलाव लाएं

Communicating and changing the discriminatory social construct against the girl child
आरंभ करने की तिथि :
Oct 08, 2014
अंतिम तिथि :
Nov 30, 2014
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

आज भी लड़कियों को जन्म से पहले ही असमानता और लिंग आधारित भेदभाव का ...

आज भी लड़कियों को जन्म से पहले ही असमानता और लिंग आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ता है। राष्ट्र का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक कि महिलाओं को उनकी क्षमतानुसार अवसर नहीं प्रदान किए जाएँगे और जब तक वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान नहीं देंगी।

लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए समाज में क्या बदलाव लाए जाएँ इसके बारे में अपने विचार, सुझाव और प्रतिक्रिया साझा करें। लोगों तक इस पहल को पहुँचाने के लिए और स्थिति में सुधार लाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जानी चाहिए?

फिर से कायम कर देना
2524 सबमिशन दिखा रहा है
Ronak Patel
Ronak Patel 11 साल 6 महीने पहले
There should be "Khilkhilat" type ambulances in each state which is only in Gujarat now. This is the ambulance service which is for pregnancy women. It provide better transport for our pregnant women with better medical facilities in it. It helps to reach out child & mother safe at home.
PREM MENGHANI
PREM MENGHANI 11 साल 6 महीने पहले
its a good step and requires more efforts. first of all need to change the mentality of Villages and panchayat ,to promote it. their positive response can make a big difference. also schools need to get in better shape , the way Respected Prime Minister as told every MLA to adopt a village so should every corporate house or NGO adopt a school in a village . it will make a huge difference.
Anil Panwar
Anil Panwar 11 साल 6 महीने पहले
There is a scholarship provided by central government under inspire(SHE) scholar ship those students who secured position in top 1%,my son submitted all relevant documents for his second year scholar ship but till date he has not rcd.Provided telephone no on site is not answerable...then why such telephone number is given on site..
saurav ratna shakya
saurav ratna shakya 11 साल 6 महीने पहले
*suggeston for beti padhao-प्रत्येक विद्यालय के प्रबन्ध तन्त्र,अध्यापकों(प्रत्येक की योग्यता सहित वकिस बिषय से सम्बन्धित हैं) व अन्य स्टाफ की पूर्ण जानकारी सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व या प्रारम्भ होते ही जिला मुख्यालय या अन्यत्र स्थित सम्बन्धित विभाग को उपलब्ध कराने व बेबसाइट पर अपलोड करीया जाना चाहिये।समस्त कार्य निर्धारित अवधि मे कराये जाने व लापरवाही बरतने वालों पर निर्धारित अवधि मे समुचित कार्यवाही करने की व्यवस्था की जानी चाहिये।
saurav ratna shakya
saurav ratna shakya 11 साल 6 महीने पहले
*suggestion for beti padhao-विद्यार्थियों,अभिवावकों की ओर से प्राप्त समस्त समस्याओं व किये गये निस्तारण का पूर्ण ब्यौरा सार्वजनिक/बेबसाईट पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिये ताकि उच्च स्तर पर समस्त कार्यकलापों की निगरानी रखी जा सके व शिक्षा सुधार हेतु आवश्यक कदम तत्काल उठायें जा सकें तथा लापरवाही बरतने वालों पर तत्काल समुचित कार्यवाही की जा सके।सभी सरकारी विद्यालयों मे प्रधानाध्यापकों/प्राचार्य द्बारा उपरोक्त मासिक बैठक लिया जाना व सम्बन्धित कार्य करने के लिये उत्तरदायी बनाया जाये।यदि सम्भव हो तब समय-समय पर उच्च स्तरीय टीम द्बारा स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण किया जाये एवं शिक्षण कार्य आदि की जानकारी विद्यार्थियों से प्राप्त की जानी चाहिये।con.............
saurav ratna shakya
saurav ratna shakya 11 साल 6 महीने पहले
*suggestion for beti bhachao-शिक्षा क्षेत्र मे सुधार के लिये प्रत्येक विद्यालय मे कालेज प्रबन्धन.प्रधानाध्यापक,अध्यापकों,अभिवावकों,छात्रों आदि की समूहिक बैठक प्रत्येक माह मे एक बार कालेज प्रबन्धन द्बारा बुलायी जाये।यह बैठक प्रत्येक माह निर्धारित तिथि को बुलायी जानी अनिवार्य की जाये।बैठक मे विद्यालय के कक्षाध्यापकों,छात्रों,अभिवावकों की समस्याओं को विद्यालय प्रबन्धन/प्रधानाध्यापक द्बारा सुना व निस्तारित किया जाना चाहिये।सभी समस्याओं व निस्तारित समस्याओं की पूर्ण जानकारी जिला मुख्यालय पर स्थित सम्बन्धित विभाग को लिखित मे निर्धारित अवधि मे लिखित मे अवगत कराया जाये।सम्बन्धित विभाग द्बारा समस्याओं व उनके निस्तारण का मूल्यांकन कर अपने स्तर से निर्धारित अवधि मे समस्याओं का निस्तारण किया जाना चाहिये।con.................
Vishwanath Kamath
Vishwanath Kamath 11 साल 6 महीने पहले
Respected Prime Mininisterji, As a humble citizen I have two simple suggestions for 'Beti Bachao Beti Padhao'. 1) Financial Incentives & free education for child for those having one child only(girl or boy). 2) If the family has only one girl child, the education for that child is free up to post graduation and if possible help finding her a suitable employment. Even reservation is welcome in employment. This will reduce gender bias, female foeticide, population problem and improve sex ratio.
B N Lal
B N Lal 11 साल 6 महीने पहले
समाज के निर्माण में बेटियों की भूमिका बहुत ही अहम है। जब तक देश का प्रत्येक नागरिक जागरूक नहीं होगा तब तक समाज में बेटी बचाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। अधिकतर लोग समाज में फैले हुए दहेज़ प्रथा के कारण बेटी को कोख में ही समाप्त कर देते हैं और इसमें उनका साथ देते हैं समाज के ऐसे लोग जिन्हें हम भगवान कहते हैं। डॉक्टर जो किसी की जान बचाकर भगवान बनते हैं वही एक बेटी को कोख में मारकर हैवान बन जाते हैं।