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सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एमएसई से विशेष खरीद के लिए आरक्षित 469 वस्तुओं की सूची पर सुझाव आमंत्रित

Inviting suggestions on list of 469  items reserved for exclusive purchase from MSEs under Public Procurement Policy
आरंभ करने की तिथि :
Nov 01, 2022
अंतिम तिथि :
Nov 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र ...

केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को 23 मार्च 2012 के एस.ओ. 581 (ई) के तहत अधिसूचित सार्वजनिक खरीद आदेश के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यमों से माल या सेवाओं के अपने वार्षिक मूल्य का 25% (2018 में संशोधित) खरीदना अनिवार्य है। नीति के तहत, 358 वस्तुएं विशेष रूप से एमएसई से खरीद के लिए आरक्षित हैं जो सूक्ष्म और लघु उद्यमों के प्रचार और विकास में मदद करते हैं और देश में समावेशी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मौजूदा सूची में तेजी से बदलती तकनीक के वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता का पता लगाने और छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के विकास की आवश्यकता है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की आंतरिक तकनीकी समिति ने एमएसई से विशेष खरीद के लिए आरक्षित 469 वस्तुओं (वस्तुओं और सेवाओं सहित) की एक संशोधित सूची तैयार की है।

सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एमएसई से विशेष खरीद के लिए आरक्षित 469 वस्तुओं की सूची पर अपने सुझाव और विचार साझा करने के लिए हितधारकों, उद्योग संघों, एमएसएमई इकाइयों और देशवासियों को आमंत्रित किया जाता है।

सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एमएसई से विशेष खरीद के लिए आरक्षित 469 वस्तुओं की सूची देखने के लिए कृपया यहां क्लिक करें। (पीडीएफ 272 केबी)

सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2022 है।

फिर से कायम कर देना
604 सबमिशन दिखा रहा है
kunal kishore
kunal kishore 3 साल 7 महीने पहले
Public procure policy means to a certain percentage of goods should be purchase from small and medium industry.it is a way to protect interest of small industry. 1 Ayurved product should be included in this list.it is a time to increase demand of ayurved product. 2 Daily use of goods should be included in this list.it is a way to protect our small industry. 3 Traditional art and craft goods should be included in this list.it is a way to promote our local foods. 4 Responsibility should be fixed to department head for purchase product in this list. 5 A heavy fine should be imposed on those department which is unable to fulfill task. 6 All department purchase goods in start of financial year.
vinod Kumar sharma
vinod Kumar sharma 3 साल 7 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी नमस्कार उपरान्त आप की सोच अच्छी है विचार उच्च हैं लेकिन जमीन पर जिन लोगों ने काम करना है वो इमानदारी से काम नहीं करते, कुदरती जल स्रोतों को बचाने के लिए बड़ी बड़ी बातें होती है, जमीन पर हकीकत उल्टा है ऐसे कार्य के लिए आऐ बजट को कुछ लोग आपस में बंदर बांट कर कागजों का घर पूरा कर रहे हैं। जल शक्ति विभाग का करोडो रू का बजट हिमाचल प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार की भेंट चढाया गया। ऐसे में कैसे सही विकास निचले स्तर तक पहुंचा।
Rama Nand Pathak
Rama Nand Pathak 3 साल 7 महीने पहले
सुझाव आपकी स्कीम अच्छा है सारा पेपर वर्क आन लाइन ही हो आवेदन किसी वजह से बैंक v सरकारी ऑफिस n जाए क्यों की वहा दलाली होगी इससे समय सीमा तय कीजिए सब आन लाइन कीजिए दलाली बंद करने के तरीके देखे आयुर्वेद लाइसेंस मुक्त हो प्रचार प्रसार सबको करने की अनुमति हो बेचने v खरीदने पे कोई लाइसेंस नहीं आयुवेद देश में कोई भी लाइसेंस की जरूरत नहीं दवा कंपनी के ऊपर हो जरी बूटी बेचने पे नही दलाली मुक्त स्कीम ले दलाई मुक्त स्कीम दालाली मुक्त स्कीम चाहिए
Priya Sharma
Priya Sharma 3 साल 7 महीने पहले
नमस्कार , मैं अपनी तरफ से यह सुझाव देना चाहती हूं कि लघु उद्यमों के प्रचार एवं विकास हेतु आयुर्वेदिक दवाओं में प्रयोग होने वाले ऐसे पेड़-पौधों और उनके बीजों को भी इस सूची में शामिल किया जाए जो की कम लागत में तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधानुसार आसानी से किया जा सके. जिससे जनसाधारण को स्वास्थ में आयुर्वेद के उपयोग के साथ ही वृक्षारोपण हेतु भी प्रोत्साहित किया जा सके