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हथकरघा उत्पादों को पहनने या उपयोग करने की अपनी तस्वीर/वीडियो शेयर कीजिए और फीचर होने का मौका पाइए

Share Your Pictures/Videos of Wearing or Using Handloom Products and Get Featured
आरंभ करने की तिथि :
Jul 28, 2021
अंतिम तिथि :
Aug 07, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत का हथकरघा उद्योग हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक ...

भारत का हथकरघा उद्योग हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और देश में आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है.

पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त 2015 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु किया गया था. इस दिन हथकरघा बुनाई समुदाय को सम्मानित किया जाता है और देश के आर्थिक-सामाजिक विकास में उनके योगदान को उल्लेखित किया जाता है, साथ ही साथ हमारी हथकरघा विरासत की रक्षा करने और हथकरघा बुनकरों और श्रमिकों को अधिक अवसर प्रदान करने का संकल्प दोहराया जाता है.

आइए हम सब मिलकर अपने हथकरघा बुनकरों और श्रमिकों को उनकी उत्कृष्ट शिल्प कौशल को प्रोत्साहन के माध्यम से हथकरघा क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करें.

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के साथ ही हम आपको हथकरघा उत्पादों को पहनने या उपयोग करने के अपने तस्वीरों, वीडियो शेयर करके आगे आने और हथकरघा बुनकरों/कलाकारों का प्रोत्साहन करने के लिए आमंत्रित करते हैं. सबसे बेहतर तस्वीरों तथा वीडियोज को माईगव- दुनिया का सबसे बड़ा नागरिक सहभागिता मंच पर फीचर किया जाएगा.

आगे आइए और अपने विरासत को प्रोत्साहित कीजिए.

फिर से कायम कर देना
893 सबमिशन दिखा रहा है
dharmesh pandya
dharmesh pandya 4 साल 10 महीने पहले
हमारे देश में विविधता में एकता है।हमारे देश की कुल आबादी में से ज्यादातर लोग गरीब और गांव के लोग है।जिसमे अपनी हुनर के हिसाब से अपनी जीवन निर्वाह की कोशिश करते ही,जिसमे खड़ी, उपले,विविध वास के साधन,इत्यादि सामिल हैं।हमारे ऐसे कारीगर को आगे लाके देश को नई दिशा देना और उन गरीब भाईयो को आगे लाओगे तब सही में हमारे देश का विकास होगा।
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Dheeraj Keshri
Dheeraj Keshri 4 साल 10 महीने पहले
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त 1950 को देश में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था । स्वदेशी आंदोलन की याद में 7 अगस्त को "राष्ट्रीय हथकरघा दिवस" मनाने का निर्णय लिया गया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त 2015 को पहली बार चेन्नई में इस दिवस की शुरुआत की। हथकरघा का अर्थ बिजली के बिना चलने वाली एक छोटी करघा है। इस पर कपड़ों में हाथ से बुनाई की जाती है। कालीन,मखमल,दरी,बनारसी साड़ी,खादी के कपड़े करघा द्वारा बनाए जाते हैं।प्रधानमंत्री मानते हैं कि हथकरघा उत्पाद भी वही है जैसे माँ के प्रेम से प्राप्त हुआ
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Venkatesh c s
Venkatesh c s 4 साल 10 महीने पहले
Handloom industries should completely overcome present unHygienic condition in manufacturing, Dyeing, storing, material handling areas. I am retired from TEXTILES Committee ,inspected thousands of Handloom, powerloom sectors and found very pathetic / unhygienic atmosphere which are 90 % are Health Hazardous products. if quality and designs upgraded by adopting modern technology and by adopting iso9000 quality standards ,Handloom products can give best competition with powerloom products.
LEENA WALAWALKAR
LEENA WALAWALKAR 4 साल 10 महीने पहले
In order to increase use of Handloom Products we must go for using proudly our Indian made clothes, bags etc. 5% of global trade in textiles is to India's credit which should be increased drastically by producing/manufacturing more with high quality and creativity, designs and colors. Government employees, private employees, school teachers, students, hospital staff and non staff should wear clothes, uniforms of Indian handloom cloth. We must feel proud of it. We can and will do it for us.