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25 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

25 दिसंबर 2022  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव
आरंभ करने की तिथि :
Dec 02, 2022
अंतिम तिथि :
Dec 23, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 96वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

25 दिसंबर 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
4494 सबमिशन दिखा रहा है
K Shankar Rao
K Shankar Rao 3 साल 5 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, मेरे मन में एक द्वेष है, वो भी एक शब्द को लेकर। ये एक ऐसा शब्द है, जो आजादी के बाद अपने अपने जीवन में सबने सुना होगा। ये एक शब्द के वजह से देश हजारों या लाखो नहीं बल्कि अरबो करोड़ों रुपए हमारे देश से बाहर जा रही है। बहत से लोग बे वजह अपने loss करलेते हैं। ये एक शब्द के वजह से मासूम गरीब लोग अपने मेहनत की कमाई गवां देते है। अब आप वो शब्द क्या है ये सोच रहे होंगे ? वो शब्द कुछ और नहीं बल्कि वो ( TERM & CONDITION ) है। मेरे आप से निवेदन है मोदी जी, इस TERM & CONDITION शब्द को BAN करदिजिए या फिर इस के सारे लिखावट को 100 शब्द के अंदर में लिखने का प्रावधान लेकर आए। धन्यवाद। #BAN #Term & Condition
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Rajeev
Rajeev 3 साल 5 महीने पहले
Sir Our departments are just procedural in their functions, not meeting many present day challenges. Nation can progress in all fronts if they start functioning beyond just 'duties'. I have such a situation while trying to get agricultural electricity connection for the land which I got the possession certificate. but the electricity and agriculture departments are insisting that beneficiary should be tax payer of the land. Atleast they should check the genuineness of my application. Another one concern is that the food items import is to be stopped completely so as the people will start thinking of producing all items in our mother land itself. Eg is cassia is said to be replaced even in medicines in place of common organic cinnamon!
Monika Verma_8
Monika Verma_8 3 साल 5 महीने पहले
हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री जी को मेरा शत शत प्रणाम। आज हमारा देश प्रगति की ओर अग्रसर है। परन्तु अगर हम महिला सुरक्षा की बात करते है तो आज भी हम सुरक्षित नहीं है। आज भी समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जिनके पास हम शिकायत लेकर जाते हैं तो वो हमारी शिकायत पत्र को आगे तक नहीं पहुंचाते। जहां वह पत्र पहुंचना होता है वहां तक नहीं पहुंचाते। और आज भी वो लोग जो जनता की सुरक्षा के लिए रखे गए हैं अभद्र भाषा का उपयोग करते है। आम आदमी को डरा धमका कर वापिस भेज दिया जाता है। विभाग में रहकर लोग अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते है। ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
Dkmishra
Dkmishra 3 साल 5 महीने पहले
नमस्ते! आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मैं देवेन्द्र कुमार मिश्रा ढोढ़वा स्वरुपपुर , खेमीपुर कुंडा प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश 230204 प्रधानमंत्री जी मैं पिछले पांच वर्षों से सेना में जाने का मौका ढूंढ रहा हूं। और मुझे मौका मिला भी परन्तु आपने जिस प्रकार से सेना की नौकरी अग्निपथ के तहत केवल 4 वर्षों के लिए कर दिए उसी प्रकार हम सभी के लिए भर्ती रैली और में परीक्षा में थोड़ी बहुत छूट मिलनी चाहिए। और मैं आपका ध्यान अपने राज्य उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की तरफ जरुर ले जाना चाहूंगा ,कि ना तो यहां के सांसद कुछ भी विकास नहीं करते। तो मुझे विश्वास है कि आप मेरे इस तथ्य पर विचार करेंगे और कुंडा प्रतापगढ़ में कुछ योजनाएं बनायेंगे। बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
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Rohit Yadav
Rohit Yadav 3 साल 5 महीने पहले
चीन में कोरोना से कोहराम... भारत में फटेगा 'महंगाई बम', भारत अपने पड़ोसी देश चीन पर कई चीजों के लिए निर्भर है. ऐसे में कोरोना के विस्फोट से देश में जो खराब हालात पैदा हुए हैं. उनके चलते भारतीय कंपनियों की चिंता बढ़ गई है. उन्हें Supply Chain बाधित होने का डर सताने लगा है. 1- सप्लाई चेन बाधित होने का डर बात करें दुनियाभर में जारी कोरोना के प्रकोप की..तो इस बार इस जानलेवा वायरस का BF7 वेरिएंट और भी घातक बनकर सामने आया है. बीते 10 दिनों में ही इसका संक्रमण इस कदर बढ़ा है कि पूरी दुनिया में दहशत का सबब बन गया है. चीन...जापान...अमेरिका से ताइवान तक Covid-19 के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. इसके चलते भारतीय कंपनियों (Indian Companies) की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि इसे काबू में करने के लिए कड़ी पाबंदिया फिर अमल में लाई गईं तो सप्लाई चेन (Supply Chain) बुरी तरह बाधित हो जाएगी.
basant arya
basant arya 3 साल 5 महीने पहले
sir, please ek aisa kanoon banaye jisse acid attackers ko death penalty mile aur jisme koi loopholes na ho kyuki acid attack bahut ghinona apradh hai jinpe ye hota unki aage ki puri life kharab ho jati hai aur wo kabhi isse ubhar nahi pate hai isliye jo ye kare usko death sentence se kam to kuch nahi hona chahiye aur isme aisa bhi nahi hai k koi galat ilzam lagayega kisi pe kyuki ye to sabke saamne dikhne wala apradh hai aur isme criminal ko kisi bhi tarah ki riyayat kyu deni ye to prove hota hai k acid dala hai aur saamne wala kal hai