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27 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Dec 05, 2020
अंतिम तिथि :
Dec 25, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 72 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

27 दिसंबर, 2020 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
5570 सबमिशन दिखा रहा है
ARUN KUMAR GUPTA
ARUN KUMAR GUPTA 5 साल 4 महीने पहले
किसानों के साथ आप देश के जनमानस को भी विश्वास में लेकर निर्णय करें। जनता भी आपके साथ है और किसान भी आपके साथ होंगे। जो राजनैतिक तौर पर आपका विरोध करते हैं, वह पहले भी विरोध करते थे और वह आगे भी विरोध करते रहेंगे। निश्चिंत रहें, उनकी संख्या धीरे धीरे कम होती जाएगी।
Rajkamal Patel
Rajkamal Patel 5 साल 4 महीने पहले
Sir, this pandemic has thought a lot of lessons to us, especially about the informal sector of our country who are hit the hardest. Your government helped by giving ration & other necessities to the poor and middle class. But I just want to know can't we have a basic income rule in our country at earliest. Our per capita GDP is still amongst the lowest. Our labour force is an untapped area, another 250 million youths can add up to this. Unemployment & underpaid are 2 things we should work on.
ARUN KUMAR GUPTA
ARUN KUMAR GUPTA 5 साल 4 महीने पहले
किसानों को कानूनी तौर पर MSP दिये जाने में क्या उलझनें हैं इस बारे में जिक्र कर सकते हैं। मेरे विचार से सबसे बड़ी समस्या फसल की क्वालिटी को लेकर हो सकती है। अगर फसल खराब क्वालिटी की हो और किसान MSP पर ही बेचना चाहता हो तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। अगर व्यापारी उस खराब फसल को MSP से कम दाम पर खरीद लेते हैं तो उनको दंड और जुर्माना भुगतना होगा। और क्या वजहें हो सकती हैं जिसकी वजह से सरकार MSP की गारंटी देने से हिचक रही है? कृपया देशवासियों को इस बारे में विस्तृत जानकारी दें।
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम | आपके "बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाओ" के आह्वान पर मेरे जैसे बहुत लोगों ने अपने अपने पुत्री को उच्च शिक्षा लेने के लिए प्रोत्साहित किया लेकिन कोरोना संकट के कारण उनमेंं से अधिकाधिक को कहीं भी नौकरी नहीं मिली जिससे वे बहुत ही ह्तोत्साहित हैंं और सरकार के तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं | हमारा आपसे नम्र निवेदन है कि सरकारी स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त बालिकाओं के स्थायी नियोजन के लिए कोई सार्थक प्रयास किया जाय जिससे कि उनकी शिक्षा के प्रति रुझान बढे‌ | धन्यबाद |
binod Kumar tripathi
binod Kumar tripathi 5 साल 4 महीने पहले
श्रीमान , आपकी मन के बात से देश के किसान और देश के नवजवान के जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आने वाला, आप कृपया कर किसान बिल वापस ले और देश के युवा को रोजगार दे , महंगाई चरम पर है उसे नियंत्रण करे देश के जनता मंहगाई से त्रश्ट है , लोग के आम ज़रूरत के चीज दिन पर दिन बढ़ रही।
Gajanan Supadu more
Gajanan Supadu more 5 साल 4 महीने पहले
मा. प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम. आजा आप महाराष्ट्र के किसान को पकड के ले आये थे. और वे कह रहे थे की उन्होने ₹ 2580 रूपये फसल बिमा भरा था और उनको ₹54300 रुपये बिमा मिला मिला भी होगा सही है. लेकीन इस साल भी महाराष्ट्र मे बहोत जादा बारीश हुई है. और वो बारीश से खेत के खेत फसल के साथ बह गये है. अब गायब हो गया तुम्हारा बिमा और तुम्हारी बिमा कंपनी. दिलाव ना हमको बिमा का पैसा हमने भी तो बिमा भरा है. बस करो और कितना गुमराह करोगे लोगो को.
Gajanan Supadu more
Gajanan Supadu more 5 साल 4 महीने पहले
मा. प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम. अपने आज बहोत लंबा चौड भाषण दिया. और कहा के MSP खतम नही होगी. लेकीने आप ने ये नही कहा की MSP के निचे खरेदी होती है तो आप क्य करेंगे. ऐसे तो आप ने बहोत बडी बडी बाते कही. लेकीनी वास्तव मे जीससे किसान को सबसे जादा तकलीफ है वही आप नही कहते. ऊसपे ना कोई ग्यारंटी लेते हो ना कोई ग्यारंटी देते हो. क्यू दो चर किसान पकडके लाते हो लोगो को दिखानेको. बस करो क्यो किसानो को गुमराह कर रहे हो.