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28 अप्रैल, 2017 को प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री के "मन की बात" कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव भेजें

Share your ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat on 28th May 2017
आरंभ करने की तिथि :
May 17, 2017
अंतिम तिथि :
May 27, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आपके द्वारा सुझाए गए ...

हमेशा की तरह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आपके द्वारा सुझाए गए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे। "मन की बात" के 32 वें एपिसोड में आपसे संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों व विषयों को शामिल करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आपसे आपकी राय और सुझाव आमंत्रित करते हैं।

आप हमें सुझाव दें कि किन विषयों या मुद्दों को प्रधान मंत्री जी अपने "मन की बात" में शामिल करें।

आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के जरिए भी भेज सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर अपना संदेश रिकॉर्ड कर सकते हैं। प्रधान मंत्री के लिए आप अपना संदेश हिंदी या अंग्रेजी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेशों को "मन की बात" में प्रसारित भी किया जा सकता है।

आप हमें 1922 पर मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और एसएमएस में प्राप्त लिंक के जरिए प्रधान मंत्री को सीधे अपने सुझाव भेज सकते हैं।

और 28 मई, 2017 को सुबह 11:00 बजे 'मन की बात' सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
2283 सबमिशन दिखा रहा है
YOGESH SHEKHAR
YOGESH SHEKHAR 8 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,मेरा यह अभिमत है कि सप्ताह या माह का एक दिन गँगा दिवस के रूप मे धोषित करें और जिसमे वे लोग जो अपनी मर्जी से घाटो पर पहुँच उसकी सफाई करना चाहे वहाँ उस दिन मे कभी भी वहाँ जा सफाई कर अपना सीधा जुडाव महसुस कर सकेंगे,इस कार्य मे अध्पकों की देख रेख मे कक्षा-6 से ऊपरी बच्चो को भी शामिल कर उन्हे अपनी पर्यावरण व प्राकृतिक धरोहरो व सँस्कृति के प्रति जागरूक व उसे लगाव महसूस करा सकते है,जिससे सरकार व जनता सहगामी हो वास्तविक बदलाव ला सकते है।
Ravi Pandit
Ravi Pandit 8 साल 11 महीने पहले
अमेरिका में मेमोरियल डे के दिन छुट्टी रहती है उन लोगो के सम्मान में जिनगोने सेना में अपनी सेवाएं देते हुए शहीद हो गए क्या ऐसा कुछ हम हमारे देश में ,हमारे सैनिको के सम्मान में नहीं कर सकते क्या ,किसी प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन जिनसे उनका हौसला बढे , उन्हें भी लगे की कोई खास दिन उनके लिए है जिसे देश जश्न के रूप में मनाता है वइसे तो एक सैनिक के लिए तो हर समय ही देश में जश्न और हौसला अफजाई का माहौल होना चाहिए
Emlin Kharkongor
Emlin Kharkongor 8 साल 11 महीने पहले
most respected sir, I would like to bring to your knowledge that sir, many bonafide Indian citizens like me WORKING OUTSIDE OUR OWN STATES are undergoing through mental torture as we are prevented from getting enrolled for AADHAAR CARD by the LOCAL STATE AUTHORITIES of the PLACE WHERE WE ARE WORKING citing illogical reasons thereby depriving our rights as citizens.It is my (our) humble request to you to kindly look into the matter and formulate and uniform directive to all states of INDIA.
D K Dubey
D K Dubey 8 साल 11 महीने पहले
sir it is very difficult to convince human mind for better thing ,not only Govt but also citizens has equal responsibility to contribute in Good India. Sir engagement of youths may certainly reduce most of the problem. can we not provide free quality education to all irrespective of cast creed ? And people may work in their interested things with their hard work. Fresh water is problem in india and its source is depleting.Govt is not able to provide water so people are doing their own bore