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#PoshanMaah2020: अच्छे पोषण की प्रथाएं

आरंभ करने की तिथि :
Sep 05, 2020
अंतिम तिथि :
Sep 30, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

सितंबर, 2020 में महिला और बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से पोषण अभियान माह ...

सितंबर, 2020 में महिला और बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से पोषण अभियान माह के अवसर पर, MyGov नागरिकों को अच्छे पोषण की प्रथाओं को साझा करने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में योगदान हेतु आमंत्रित करता है।

स्वस्थ और पौष्टिक आहार क्या है, इस पर अपने विचार अच्छी पोषण प्रथाओं के साथ साझा करें।

फिर से कायम कर देना
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Umesh Pratap Singh
Umesh Pratap Singh 6 साल 3 सप्ताह पहले
हमें अपने आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे दालें, सब्जियाँ, फल और मिलावट रहित खाद्य तेलों को शामिल करना चाहिए। जंक फूड से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। कुछ कुदरती औषधियों जैसे कि लहसुन,मेथी,अलसी,अजवाइन,लौंग, गिलोय, आँवला,जीरा,तुलसी,नीम,दालचीनी आदि का सेवन करना चाहिए। अनुशासित जीवन शैली जैसे योगा, प्राणायाम, सुबह की सैर/दौड़ अपना कर और यथासम्भव एलोपैथिक दवाओं से दूर रहकर हम निरोग और स्वस्थ रह सकते हैं। कम खाएं किन्तु पोषक तत्वों से भरपूर मौसम के अनुसार खाएं। प्रकृति का संतुलन बनाये रखें।
vinay baranwal
vinay baranwal 6 साल 3 सप्ताह पहले
अच्छा पोसड़ ही हमे और हमारे जीवन को सुरक्षित जीवन का आधार है हमे अपने भोजन में पोषक युक्त सामाग्री का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए और फालतू की खान पान से बचना चाहिए जैसे कि फास्टफुड
Onkar Singh
Onkar Singh 6 साल 3 सप्ताह पहले
सामान्य रूप से उपलब्ध सभी फल ,सब्ज़ियाँ दालें आदि पौष्टिक ख़ुराक का काम कर सकती हैं बशर्ते हम शारीरिक श्रम भी करें और तनाव से दूर रहें।
Dinesh Kumar
Dinesh Kumar 6 साल 3 सप्ताह पहले
Pharmacologist-Scientist at ICMR-NIN, our evidence based research demonstrates that Nutritional profile & dietary habits of Indian make significant alteration in Medicine safety & efficacy. Therefore dosages, utility of modern medicine should be redefined as per indigenous needs. “Don’t practice western model in Indian context as it will lead long term undesired effects “
Kartik choudhary
Kartik choudhary 6 साल 3 सप्ताह पहले
इसलिए, नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ इष्टतम पोषण अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला है। पोषण-सम्बन्धी डाटाबेस बनाने के लिए भारत सदैव आगे रहा है तथा भारतीय खाद्य संरचना टेबल्स (2017) सहित विभिन्न शोध अध्ययन/सर्वेक्षण जिसमें खाद्य, कृषि पोषण संक्रमण का विवरण रहता है, करता रहा है। हमारा देश खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में सुधार लाने के लिए कई पोषण हस्तक्षेप कार्यक्रमों में भी निवेश करता रहा है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों के पोषण-स्तर में सुधार हो रहा है।
Kartik choudhary
Kartik choudhary 6 साल 3 सप्ताह पहले
बचपन के कुपोषण-स्तर को कम करने के लिए आर्थिक विकास का बहुत कम प्रभाव पड़ता है और इसलिए अच्छा स्वास्थ्य/पोषण सम्बन्धित शिक्षा, बच्चे को खिलाने की प्रथाएं (स्तनपान सहित), संतुलित आहार, उचित स्वास्थ्य, स्वच्छता, आहार विविधीकरण, माइक्रोन्यूट्रिएंट पूरकता, बायोफोर्टिफिकेशन जैसे हस्तक्षेप तथा रोगों की रोकथाम को नियमित रूप से व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। पोषण एक दोहरे धार वाली तलवार है- अल्प-पोषण और अति-पोषण दोनों ही हानिकारक हैं।