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बेहतरीन शिक्षकों का विकास

शिक्षक किसी भी शैक्षिक प्रणाली की आधारशिला होते हैं। शिक्षण प्रतिभा का विकास और सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को प्रोत्साहित करना, अच्छे शिक्षक रखना सभी शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है। इस विषय पर नागरिकों के विचार आमंत्रित हैं ताकि, हमारी उच्चतर शिक्षा संस्थाएं अच्छे संकाय पोषित करें जो बदले में हमारे छात्रों में उच्चतर मानक प्रेरित कर सकें। इस विषय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र पर ध्यान दिया जाएगा।

• अच्छे शिक्षकों को विश्वविद्यालय क्षेत्र में शिक्षण के लिए आकर्षित करने के लिए कौन सी रणनीति कारगर हो सकती है?
• अनुसंधान और शैक्षिक विकास के लिए किस प्रकार की प्रणाली का समर्थन प्रदान किया जा सकता है?
• उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के बीच अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए किस प्रकार का प्रोत्साहन प्रदान किया जा सकता है?
• शिक्षकों और शिक्षण पर राष्ट्रीय मिशन योजना इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त है या इसमें कुछ अतिरिक्त सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए और वे सुविधाएं क्या होनी चाहिए?
• ऑनलाइन शैक्षिक लीडरशीप के प्रशिक्षण का प्रतिशत क्या होना चाहिए?
• ऑनलाइन शैक्षणिक प्रशिक्षण का प्रतिशत क्या होना चाहिए?
• प्रोफेशनल कोर्स प्रशिक्षण का प्रतिशत क्या होना चाहिए – क्या इसे ऑनलाइन किया जाना चाहिए?
• शिक्षकों के रूप में उद्योग के विशेषज्ञों की क्या भूमिका है?
• क्या शैक्षिक लीडरशीप पाठ्यक्रम सभी कुलपतियों और प्रधानाचार्यों के लिए आवश्यक है?
• शिक्षक अपने क्षेत्र में दुनिया भर में विकसित किया जा रहे नए ज्ञान को एक समय पर या निरंतर आधार पर लोगों तक कैसे पहुँचा सकते है?
• क्या शिक्षकों की एक आवश्यक भूमिका परामर्श या सलाह देना नहीं है?

स्पीकर का नामः डॉ अनुराग त्रिपाठी, सहायक प्रो. केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर।

दिन, तिथि एंव समयः शुक्रवार, 5 जून 2015, शाम 4:30 बजे।

खंडनः ये विचार वक्ताओं/मध्यस्थों के द्वारा व्यक्त किए गए है, जो किसी भी प्रकार से मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

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फिर से कायम कर देना
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Rajesh Sharma Kaviraj
Rajesh Sharma Kaviraj 10 साल 11 महीने पहले
अमेरिका-जर्मनी-जापान-ब्रिटेन की शिक्षा पद्धति की खुबिया, अच्छाइयाँ, महानता का अध्ययन कर कर कैसे वो विज्ञानं में आगे बढे, कैसे आज वो इतने मजबूत देश बने, वो बच्चो और शिक्षको को भी पढ़ना चाहिए,
Rajesh Sharma Kaviraj
Rajesh Sharma Kaviraj 10 साल 11 महीने पहले
सभी शिक्षको को हमारे पुराने महान उदेशो का एवं पुराने वैज्ञानिक संदर्भो को वेद-पुराणो के साथ जोड़कर एवं उन सभी उदाहरण एवं अभी के विज्ञानं में क्या साम्यता हे, ये पढाई में जरूर जोड़ना चाहिए, शिक्षक एवं विद्यार्थी दोनों के लिए, जैसे गणेश जी का उदाहरण सर्जरी हे आज के विज्ञानं की, मन की शक्ति से हज़ारो किलोमीटर दूर लोगो से बात करते थे, हज़ारो उदहारण हे ऐसे, वन्दे मातरम
Prakash KC
Prakash KC 10 साल 11 महीने पहले
सरकार कितना पैसा खर्च कर रही है इसके बाद भी हमारे पास आज एक भी सरकारी उत्कृष्ट विद्यालय नही है जिसमे प्रवेश के लिए भीड हो |