SHARIF SHAIKH
5 साल 10 महीने पहले
कोरोना से हमे यह सबक मिल गया है कि अब आने वाले समय में हर किसी को यह सोचना होगा कि आपात्कालीन स्थिती मे मंदिर,मस्जिद,गिरजाघर सभी के दरवाज़े बंद हो सकते हैं ऐसे में अगर कोई भविष्य में अच्छे कार्य करने की सोचे तो समाज के प्रति योगदान मे सब से पहले अस्पताल बनाने के लिए आगे आने की। किसी की जयन्ती,पुण्यतिथी और AC ट्रेन,कारें,बंगले,ऑफिसों पर खर्च करने से बेहतर होगा,अकेले ना सही समाज के साथ मुमकिन है,बजाय बड़े बड़े स्मारक,पुतले और किसी की अगवानी मे करोड़ों फूंकने से बेहतर है। यह काम सरकार का है मगर...
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