Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

जन्माष्टमी के अवसर पर ई-शुभकामना संदेश बनाएं

Design e-Greetings for Janmashtami
आरंभ करने की तिथि :
Aug 27, 2015
अंतिम तिथि :
Sep 04, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

देश भर में जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव के रुप ...

देश भर में जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव के रुप में मनाया जाता है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) के माध्यम से यह उत्सव विभिन्न रूपों में पुरे देश में मनाया जाता है। इस बार ई-शुभकामना संदेश के माध्यम से जिसमें परमात्मा के विभिन्न रुपों के प्रदर्शन हो, इस उत्सव को मनाते हैं।

शीर्ष 3 ई-शुभकामना संदेशों को निम्नलिखित नकद पुरस्कारों द्वारा सम्मानित किया जाएगाः-

1. प्रथम पुरस्कार - 10,000/- रु.
2. द्वितीय पुरस्कार - 7,500/- रु.
3. तृतीय पुरस्कार - 5,000/- रु.

प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख 3 सितंबर 2015 है।

नियम एंव शर्तें

1. प्रविष्टी का आकार 10x12 सेमी. तथा चित्र ले-आउट में होना चाहिए। किसी भी अन्य आकार और ले-आउट की डिजाइन पर प्रतियोगिता के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

2. अनुपयुक्त प्रविष्टियों को नष्ट करने के बाद स्थायी समिति द्वारा चुनी गयी सभी डिजाइनों को पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा।

3. 5 सितम्बर 2015 से 20 सितम्बर 2015 तक के बीच प्रविष्टियों के वास्तविक उपयोग (यानी नागरिकों की पसंद/स्वीकार्यता) के आधार पर, 4 श्रेणियों में से प्रत्येक के लिए शीर्ष 3 डिजाइनों को क्रमशः 10,000 /- रुपये, 7500/- रुपये, तथा 5000/- रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा।

4. इसके बाद, केवल शीर्ष 5 सबसे अधिक इस्तेमाल की हुई डिजाइन को पोर्टल पर बनाये रखा जाएगा।

5. प्रविष्टियां मूल होनी चाहिए। नकल की प्रविष्टी प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागी पर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

खंडन/अस्वीकरणः स्थायी समिति द्वारा प्रविष्टियों की मौलिकता की जाँच के लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जाएंगे, परन्तु किसी प्रविष्टी की नकल के रुप में पहचान होने पर मेरीसरकार और ई-ग्रीटिंग्स पोर्टल को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता।

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
494
कुल
400
स्वीकृत
94
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
400 सबमिशन दिखा रहा है
sarika gupta_1
sarika gupta_1 10 साल 8 महीने पहले
लल्ला कृष्ण बल कान्हा तेरी नटखट यादों का उत्सव मनाया जाता है श्री कृष्ण का जन्म दिवस जन्मास्टमी कहलाता है मन में प्रेम का फूल खिले कृष्ण सा साथी मिले होती तमन्ना हर गोपी की उत्सव का ये प्रथा चला लल्ला कृष्ण बल कान्हा द्वापर युग में आये यहाँ प्रेम की बंशी बजाई बैर वैमनष्य मिटाई .
mygov_144126316311482051
mygov_144126322211482051
mygov_144126361011482051