Dayakrishan Pandey
1 year 3 weeks ago
प्रभु कृपा सुमिरन प्रणाम महोदय मन की बात यह मंच जो आज के संदर्भ के लिए रामबाण या आज के संदर्भ की रामायण है गीता के उपदेश को प्रसारित और याद करवाने का सशक्त माध्यम है को आने वाली पीढ़ी को भी यह प्रोसेस नित नूतन रूप में अनंत काल तक मिलता रहे इस के लिए कोई निश्चित और समग्र उपाय आदरणीय प्रधान मंत्री जी और मन की बात के समस्त कार्य कर्ता समस्त सेवक करने की कृपा कीजिएगा जिससे मानव मूल्यों को समझाने की यह सनातन धरोहर सनातन और समय रहित अवस्था तक मानव को उसके निज कर्तव्यों को याद करवाती रहे यह मेरी नूतन प्रार्थना और सुझाव है....
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