Prafull Bhalchandra Deshpande
3 years 9 months ago
माननीय प्रधानमंत्रीजी को सादर प्रणाम, आज विश्वभरमें जो युद्ध स्थिती बनी हुई है, वह विविध देशोंके नेताओंद्वारा चलायी जाने वाली स्वार्थ निती के कारण बनी हुई है । अगर कोई देश वास्तविक तरीकेसे शांती चाहते हैँ तो उन्हें अपनी स्वार्थ निती छोडकर मानवता के निकषपर सोच रखनी जरूरी है । जो भी नुकसान हो रहा है वह पूरी मानवजाती को हो रहा है । जो भी सही निती चलाएगा वो पूरी मानवता के बेहेतरी के निकषपर हो, तो मानवता की जीत होगी और किसी देश के हार जीत का कोई कारण ही नहीं रह जाएगा । जियो और जीने दो वाला मंत्र समझने की जरुरत है, ना की यह साबित करने की चेष्टा हो की मैं कैसे दुनिया का सबसे बडा हूँ और मेरा अधिराज्य पूरी दुनिया के उपर चलें । जो महत्वपूर्ण सोच होगी वो यही बतलाएगी की लोग उन्ही को विश्व नेता दिल से मानेगी जो आम लोगाेंकी बात करेगा और अपनी बडे होने की प्रदर्शन और प्रयास से दूर रहेगा । मैं मानता हूँ की भारत यह जरूर कर पायेगा । आर्थिक बल जरूरी है, तकनिकी बल जरूरी है, परंतु इसका बिभत्स प्रदर्शन किसी भी देश के नेता का सम्मान नही बढाता है, बल्कि लोगोंके दिलसे उसकी छबी धुमिल हो जाती है । भारत इसीको अपना
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