Mohinder singh
11 years 9 months ago
गंगा मईया प्रकृति के नियमो से बंधी है और प्रकृति के चैन प्रणाली को दुबारा से व्यवस्थित किया जाये तो गंगा खुद ब खुद निर्मल और सवछ होती जाएँगी
Like
(0)
Dislike
(1)
Reply
Report Spam
