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चतुर्थ भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव, 2018 के लिए स्लोगन प्रतियोगिता

विज्ञान महोत्सव एक राष्ट्र के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के ...
विज्ञान महोत्सव एक राष्ट्र के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सांस्कृतिक महत्व की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। यह वैज्ञानिकों, आविष्कारकों और शोधकर्ताओं को जीवन के सभी क्षेत्रों के छात्रों और नागरिकों के साथ संवाद का मौका देता है। विज्ञान महोत्सव विभिन्न गतिविधियों जैसे व्याख्यान, संवाद, पैनल चर्चा और बहस में शामिल होने ; व्यवहारिक प्रदर्शन, शो, प्रदर्शनियों, और कार्यशालाओं के माध्यम से; विज्ञान से संबंधित रंगमंच, कैफे, संगीत, और स्टैंड-अप कॉमेडी के माध्यम से जुड़ने का मौका देता है। विज्ञान महोत्सवों का लक्ष्य नागरिकों को विज्ञान के साथ प्रेरणादायक और सशक्त तरीके से जोड़ना हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी की आकर्षक दुनिया के प्रेरक उत्सव हैं विज्ञान महोत्सव।
भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) की शुरुआत 2015 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी जिसके माध्यम से बेहद कम समय में भारत एक विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर हो सकता है। इसका उद्देश्य विज्ञान से जनता को जोड़ना और विज्ञान की खुशी का जश्न मनाना तथा यह दिखाना कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से हमारे जीवन में सुधार आ सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विज्ञान भारती (विभा) के साथ मिल कर लोगों में जिज्ञासा जगाने और प्रतिभा को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का एक अनूठा मंच तैयार किया है।
विज्ञान महोत्सव का उद्देश्य युवाओं में 21 वीं सदी के कौशल का विकास, वैज्ञानिक ज्ञान, रचनात्मकता, तार्किक सोच, समस्या सुलझाने और टीम वर्क के लिए प्रेरित करना है। इसका दीर्घकालीन उद्देश्य छात्रों को अध्ययन करने और वैज्ञानिक क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही नए खोजों से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित कर जनता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ावा देकर नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करना है। जब हमारे युवाओं में नई जानकारी के प्रति रूचि, सवाल पूछने और जवाब ढूंढ़ने की लगन जग जाएगी तभी हमारा लक्ष्य पूरा हो सकेगा। आईआईएसएफ के प्रयास से हमें उम्मीद है कि इससे विश्व गुरु बनने की दिशा में भारत के अभियान को बढ़ावा मिलेगा।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने अपने सहयोगी आईआईएसएफ के साथ मिल कर इस संदर्भ में जन जागरूकता के लिए एक स्लोगन प्रतियोगिता का आरंभ किया है। डीबीटी / आईआईएसएफ सचिवालय द्वारा विभिन्न गतिविधियों में इस स्लोगन का इस्तेमाल किया जाएगा और इस पर डीबीटी का अधिकार बना रहेगा।
पहला पुरस्कार 15,000 / - रुपये
दूसरा पुरस्कार 10,000 /- रुपये
और तीसरा पुरस्कार- 5,000 /- रुपये
डीबीटी की समिति द्वारा पुरस्कार के लिए स्लोगन का चयन किया जाएगा।
स्लोगन भेजने की अंतिम तिथि 30 अगस्त, 2018 को शाम 5.00 बजे तक या उससे पहले है।
नियम और शर्तें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
प्रतियोगिता से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए लिखें:
डॉ ए वामसी कृष्ण
वैज्ञानिक 'डी'
फोन - 011-24363725
ईमेल - vk.addanki@nic.in