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कपड़ा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी, अत्याधुनिक, टिकाऊ बनाने के उद्देश्य ...
कपड़ा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी, अत्याधुनिक, टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से कपड़ा मंत्रालय नई कपड़ा नीति 2020 के निर्माण की प्रक्रिया में है, जिसमें परिधान का निर्माण, तकनीकी वस्त्र, मानव निर्मित फाइबर उत्पादों के निर्माण व निर्यात के साथ-साथ हस्तशिल्प व हथकरघा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कपड़ा मंत्रालय, कपड़ा उद्योग के विभिन्न उप क्षेत्रों के विकास, उत्पादन, निर्यात व रोजगार को बढ़ावा देने हेतु ऊन, सूती, रेशमी, जूट, मानव निर्मित फाइबर, हथकरघा, हस्तशिल्प, पावरलूम, इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश, परिधान, निर्यात, ब्रांडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी कपड़ा, मानव संसाधन, प्रौद्योगिकी और मशीनरी का उन्नयन जैसे विभिन्न विषयों पर व्यक्तियों और संघों समेत सभी हितधारकों से राय और सुझाव मांग रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के "मेक इन इंडिया" के दृष्टिकोण को साकार करना है। इसके लिए देश के प्रत्येक जिले / क्लस्टर की निर्यात क्षमता वाले मुख्य उत्पाद की पहचान के प्रयास किए जाएंगे।
15 जनवरी, 2020 तक इससे संबंधित जानकारी व सुझाव भेजे जा सकते हैं।