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राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन टैगलाइन प्रतियोगिता

भारत सरकार का उपभोक्ता मामले विभाग उपभोक्ता शिकायतों के लिए एक टोल ...
भारत सरकार का उपभोक्ता मामले विभाग उपभोक्ता शिकायतों के लिए एक टोल फ्री नंबर 1800-11-4000 (शॉर्ट-कोड 14404) के साथ एक राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) चलाती है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को निम्न तरीके से मदद करती हैं:
i. उत्पादों और सेवाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान में उपभोक्ताओं का मार्गदर्शन करना
ii. कंपनियों और नियामक अधिकारियों से संबंधित जानकारी प्रदान करना
iii. डिफाल्टर सेवा प्रदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने में उपभोक्ताओं की मदद करना
iv. मौजूदा उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र के उपयोग से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करना।
देश भर के उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर या शॉर्ट कोड का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं के लिए टेलीफोन के जरिए परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है।
टोल-फ्री नंबरों पर कॉल करके, एसएमएस, ऑनलाइन, ई-मेल और पत्र के माध्यम से उपभोक्ता एनसीएच से संपर्क कर सकते हैं। एक वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में इसने शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए लगभग 650 "कन्वर्जेंस" कंपनियों के साथ साझेदारी की है। 3-टियर एप्रोच के तहत प्रदत्त सेवाएं- (ए) कंपनियों तक शिकायतें पहुंचाने और निवारण के लिए एक मंच प्रदान करता है, (बी) यदि एक निर्दिष्ट समय सीमा तक समस्या अनसुलझी रहती है, तो उपभोक्ताओं को सेक्टर के मौजूदा नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है ) अंतिम विकल्प के रूप में, एनसीएच द्वारा उपभोक्ता को शिकायत समाधान के लिए उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने की सलाह दी जाती है।
पुरस्कार राशि: 20,000 / रुपये का प्रथम पुरस्कार और 5,000 / रुपये के 5 पुरस्कार
प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 23 जनवरी, 2020 है।
नियम एवं शर्तें
• प्रतियोगिता में सभी भारतीय नागरिक भाग ले सकते हैं।
• प्रविष्टियों में उपभोक्ता शिकायतों के समाधान में एनसीएच की भागीदारी प्रतिबिंबित होनी चाहिए।
• प्रविष्टियों को रचनात्मकता, मौलिकता, रचना, तकनीकी उत्कृष्टता, कलात्मक योग्यता और दृश्य प्रभाव के पैमाने पर आंका जाएगा।
• जीतने वाली टैगलाइन भारत सरकार की बौद्धिक संपदा होगी और डिजाइनर का इस पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। पुरस्कार जीतने वाली टैगलाइन का उपयोग भारत सरकार द्वारा प्रचार और प्रदर्शन उद्देश्यों, आईईसी सामग्री और किसी अन्य उपयोग , जो उचित हो, के लिए भी किया जा सकता है।
• प्राप्त सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन एक स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जाएगा और अंतिम चयन के लिए शीर्ष 20 प्रविष्टियों को एक चयन समिति के समक्ष रखा जाएगा।
• प्रतियोगिता के लिए टैगलाइन जमा करने का अधिकार की अंडरटेकिंग प्रतिभागी को देनी होगी। कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित किया जाएगा। भारत सरकार कॉपीराइट उल्लंघन या प्रतिभागियों द्वारा किए गए बौद्धिक संपदा के उल्लंघन के लिए कोई ज़िम्मेदारी नहीं उठाती है
• कृपया सुनिश्चित करें कि आपका ईमेल पता सही और परिचालन में है क्योंकि इसी के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।
• अयोग्य प्रविष्टियां मंत्रालय द्वारा किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाएंगी और मंत्रालय के पास इसका कोई बौद्धिक अधिकार नहीं होगा।
• एक ही प्रतिभागी द्वारा कई प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
• चयन समिति का निर्णय सभी प्रतियोगियों पर अंतिम और बाध्यकारी होगा और उन्हें अपने किसी भी निर्णय के लिए किसी भी प्रतिभागियों को कोई स्पष्टीकरण नहीं देना होगा।
• प्रतिभागी को एक पीडीएफ फाइल के प्रारूप में टैगलाइन संलग्न करनी चाहिए।
• प्रतियोगिता के विजेता को टैगलाइन का कंटेंट हिंदी और अंग्रेजी जमा करने की आवश्यकता होगी।
• कृपया ध्यान दें कि टैगलाइन मूल होनी चाहिए और इसे.भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
• टैगलाइन का आकार एक लाइन में, अधिकतम 70 अक्षर का होना चाहिए।
• प्रत्येक प्रविष्टि के साथ इन विवरणों का होना अनिवार्य है: नाम, लिंग, शिक्षा योग्यता, व्यवसाय, संपर्क नंबर, ईमेल और पिन / ज़िप कोड के साथ पूरा डाक पता। पहचान के वैध प्रमाण की एक स्कैन कॉपी (पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस / वोटर आईडी प्रमाण / राशन कार्ड)
• प्रविष्टि MyGov पोर्टल के जरिए भेजा जाना चाहिए। इसके लिए www.mygov.in पर लिंक उपलब्ध कराया गया है
• उपभोक्ता मामले विभाग, आईआईपीए और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या उनके कर्मचारियों के रिश्तेदार प्रतियोगिता के लिए पात्र नहीं हैं
अन्य प्रशनों के लिए जी. सी. राऊत को dscpu-ca@nic.in पर संपर्क करें