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सार्वभौमिक पहुँच वाले डिजिटल संसाधन

सरकारी प्रलेख, अभिलेख, प्रमाण पत्र आदि विशेष रूप से नागरिकों से ...
सरकारी प्रलेख, अभिलेख, प्रमाण पत्र आदि विशेष रूप से नागरिकों से संबंधित प्रलेख को डिजिटली उपलब्ध कराना चाहिए और मानकों और प्रोटोकॉल के प्रयोग के माध्यम से उसे सार्वभौमिक पहुँच वाला बनाया जाना चाहिए। बाहरी प्रणाली के माध्यम से डेटा और सेवाओं के कुशल उपयोग के लिए एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) को ओपन एपीआई नीति के साथ अनुरूपता से प्रकाशित किया जाना चाहिए। इन डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच विकासकर्ता और उपयोगकर्ताओं को मोबाइल एप्लिकेशन और अन्य ऑनलाइन एप्लिकेशन का विकास करने में सहायता कर सकती हैं और वह उन्हें मूल्य वर्धित सेवाओं के रूप में उपलब्ध करा सकते हैं। दो या दो से अधिक समान डाटा समूह को लिंक किये जा सकने वाले डाटा समूह के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। नागरिकों को ऐसे सरकारी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने होंगे जो सरकार के कुछ विभाग / संस्था के पास पहले से ही मौजूद हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों की सुवाह्यता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। एक उदाहरण के रूप में, शैक्षिक संस्थानों को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके द्वारा प्रदान की गई सभी डिग्री और प्रमाणपत्र अपने डेटा सेंटर पर डिजीटल रूप में उपयुक्त प्रोटोकॉल के साथ सुरक्षित रखे गए हैं। नागरिकों से आवेदन पत्र भरते समय उनकी शैक्षिक प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रतियां प्रस्तुत करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए इसके स्थान पर वे अपने प्रमाण-पत्रों का विवरण दे सकते हैं ताकि संबंधित एजेंसी नागरिक द्वारा उपलब्ध कराए गए पॉइंटर की मदद से उनके प्रमाण-पत्र ऑनलाइन देख सके।
नागरिक अपने सुझाव दें- डिजिटल संसाधन के निर्माण और उसकी सार्वभौमिक पहुँच बनाने हेतु सुझाव दें। आप तकनीकी स्थापत्य और समाधान, नीतिगत दिशा-निर्देश, प्रक्रिया में किये जाने वाले सुधार, कार्यान्वयन तंत्र, कम लागत, परिचालन दक्षता इत्यादि के बारे में सुझाव दे सकते हैं। विभिन्न उपाय जिनके माध्यम से डिजिटल संसाधनों को नागरिकों के प्रयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सके और किस प्रकार का डाटा उन्हें उपलब्ध कराया जाना चाहिए, इससे संबंधित अपने सुझाव साझा करें।
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